क्या एक से ज्यादा ईश्वर हैं ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-5)

उत्तर: नहीं, केवल एक ही (व्यवस्थाविवरण 6:4) जीवित और सच्चा परमेश्वर (यिर्मयाह 10:10) है।

साक्षी आयतें:

हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्‍वर है, यहोवा एक ही है (व्यवस्थाविवरण 6:4)

परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्‍वर है; जीवित परमेश्‍वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी काँपती है, और जाति जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते। (यिर्मयाह 10:10)

व्याख्या: 

इस उत्तर की व्याख्या हम इन दो शीर्षकों के अंतर्गत करेंगे:

  • केवल एक ही
  • जीवित और सच्चा

केवल एक ही

एक लड़के से पूछा गया, “कितने परमेश्वर हैं?” उसने उत्तर दिया, “सिर्फ एक। ” पूछने वाले ने पूछा, तुम इतना निश्चित कैसे हो सकते हो ?” लड़के ने उत्तर दिया, “क्योंकि स्वर्ग और पृथ्वी उससे परिपूर्ण है;और के लिए जगह नहीं है।” कहने का अर्थ है कि परमेश्वर अनंत है जो कि सर्वव्याप्त है, क्या दो अनंत और सर्वव्याप्त अस्तित्व हो सकते हैं ? नहीं ? असंभव ?

क्या स्वर्ग और पृथ्वी दोनों मुझ से परिपूर्ण नहीं हैं? (यिर्मयाह 23:24)

परमेश्वर सर्वशक्तिमान है। क्या दो अस्तित्व सर्वशक्तिमान हो सकते हैं ? नहीं। एक ही सर्वशक्तिमान हो सकता है और दूसरा उससे कम शक्तिमान:

प्रभु परमेश्‍वर, जो है और जो था और जो आनेवाला है, जो सर्वशक्‍तिमान है (प्रकाशितवाक्य 1:8)

पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके सामने
तुच्छ गिने जाते हैं,
और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के
रहनेवालों के बीच
अपनी ही इच्छा के अनुसार काम करता है;
और कोई उसको रोककर उस से नहीं
कह सकता है, “तू ने यह क्या किया है?” (दानिय्येल 4:34)

सम्पूर्ण बाइबल परमेश्वर के एक ही होने की घोषणा करती है :

 “मैं सबसे पहला हूँ, और मैं ही अन्त तक रहूँगा; मुझे छोड़ कोई परमेश्‍वर है ही नहीं। (यशायाह 44:6)

“हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्‍वर है, यहोवा एक ही है (व्यवस्थाविवरण 6:4)

इसलिये आज जान ले, और अपने मन में सोच भी रख, कि ऊपर आकाश में और नीचे पृथ्वी पर यहोवा ही परमेश्‍वर है; और कोई दूसरा नहीं। (व्यवस्थाविवरण 4:39)

किसने प्राचीनकाल से यह प्रगट किया? किस ने प्राचीनकाल में इसकी सूचना पहले ही से दी? क्या मैं यहोवा ही ने यह नहीं किया? इसलिये मुझे छोड़ कोई और दूसरा परमेश्‍वर नहीं है, धर्मी और उद्धारकर्ता परमेश्‍वर मुझे छोड़ और कोई नहीं है।
“हे पृथ्वी के दूर दूर के देश के रहनेवालो, तुम मेरी ओर फिरो और उद्धार पाओ! क्योंकि मैं ही परमेश्‍वर हूँ और दूसरा कोई और नहीं है।
मैं ने अपनी ही शपथ खाई, धर्म के अनुसार मेरे मुख से यह वचन निकला है और वह नहीं टलेगा, ‘प्रत्येक घुटना मेरे सम्मुख झुकेगा और प्रत्येक के मुख से मेरी ही शपथ खाई जाएगी।’
“लोग मेरे विषय में कहेंगे, केवल यहोवा ही में धर्म और शक्‍ति है। उसी के पास लोग आएँगे, और जो उससे रूठे रहेंगे, उन्हें लज्जित होना पड़ेगा। (यशायाह 45:21-24)

दूर देश में एक बार सृष्टि की उपासना करने वाले कुछ लोगों ने एक मसीही लड़के से पूछा, “क्या तू तेरा परमेश्वर दिखा सकता है ?” उसने कहा, “नहीं, लेकिन तुम्हारा दिखा सकता हूँ ? उसने तुरंत से उनकी ही एक मूर्ती उनको दिखा दी।  कहने का अर्थ क्या है? यही कि जीवित और सच्चा परमेश्वर तो सिर्फ एक है, अदृश्य आत्मा है, उसकी तुलना सृष्टि से नहीं की जा सकती और जो हाथों के बनाये ईश्वर है, वो स्वाभाव ही से ईश्वर नहीं हैं।

अब सनातन राजा अर्थात् अविनाशी, अनदेखे, एकमात्र परमेश्‍वर का आदर और महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।  ( 1 तीमुथियुस 1:17)

पहले तो तुम परमेश्‍वर को न जानकर उनके दास थे जो स्वभाव से परमेश्‍वर नहीं। (गलातियों 4:8)

क्या मनुष्य ईश्‍वरों को बनाए? नहीं, वे ईश्‍वर नहीं हो सकते!” (यिर्मयाह 16:20)

भजन संहिता 97:7 स्वर्गदूतों को उनके स्वाभाव, पद और गुणों के कारण (भजन 103:20) ईश्वर पुकारती है, लेकिन हम जानते हैं कि स्वर्गदूत बनाए हुए प्राणी  हैं  और बनाए हुए प्राणियों में परमेश्वरत्व नहीं हो सकता। इसी तरह भजन 82:6  न्यायकर्ताओं को ईश्वर पुकारती है, क्योंकि वो परमेश्वर के द्वारा उस पद पर प्रधानों के रूप में  बैठाये गए हैं (रोमियों 13:4)। लेकिन अगली ही आयत कहती है कि ये ईश्वर (न्यायकर्ता) मरेंगे।  स्पष्ट है, वे परमेश्वर नहीं हैं। इसके अलावा, 2 कुरिन्थियों 4:4 में, शैतान को इस दुनिया का ईश्वर कहा गया है, क्योंकि उसी ने संसार भर को भ्रष्ट कर रखा है और उद्धार पाए लोगों के अलावा सब पर राज करता है (इफिसियों 2:2; 1 यूहन्ना 5:19)। लेकिन परमेश्वर के चुने हुए तो जानते हैं की एक ही जीवित और सच्चा परमेश्वर है :

यद्यपि आकाश में और पृथ्वी पर बहुत से ईश्‍वर कहलाते हैं – जैसा कि बहुत से ईश्‍वर और बहुत से प्रभु हैं – तौभी हमारे लिये तो एक ही परमेश्‍वर है (1 कुरिन्थियों 8:5-6)

जीवित और सच्चा

परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्‍वर है; जीवित परमेश्‍वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी काँपती है, और जाति जाति के लोग उसके क्रोध को सह नहीं सकते। तुम उनसे यह कहना, “ये देवता जिन्होंने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्‍ट हो जाएँगे।”  (यिर्मयाह 10:10-11)   

बाइबल का परमेश्वर नकली और मरे हुए ईश्वरों के विपरीत जीवित और सच्चा है।  वो काल्पनिक ईश्वर नहीं।  वो मिथकीय ईश्वर नहीं। वह कोई दुष्टात्मा नहीं जो ईश्वर के छद्म वेष में आता है (भजन 96:5)। उसे जीवित और सच्चा इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि वह स्वयं ही सत्य और जीवन है (यूहन्ना 14:6)।  उसी में जीवन है और वही सबको जीवन देता है :

परमेश्‍वर को, जो सब को जीवित रखता है (1 तीमुथियुस 6::13)

न किसी वस्तु की आवश्यकता के कारण मनुष्यों के हाथों की सेवा लेता है, क्योंकि वह स्वयं ही सब को जीवन और श्‍वास और सब कुछ देता है। (प्रेरितों 17:25)

क्योंकि हम उसी में जीवित रहते, और चलते–फिरते, और स्थिर रहते हैं (प्रेरितों 17:28)

इस एक मात्रा जीवित और सच्चे परमेश्वर की महिमा युगानुयुग होती रहे।

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