Outline of the Epistle of Jude

Title Truth War for Christ’s Glory Theme Fight for the sufficiency of the Scriptures for the glory of Christ. Verses 3 and 4 unequivocally give the theme of the epistle: Beloved, although I was very eager to write to you about our common salvation, I found it necessary to write appealing to you to contend… Continue reading Outline of the Epistle of Jude

न्यू हैम्पशायर विश्वास अंगीकार (जॉन न्यूटन ब्राउन द्वारा)

न्यू हैम्पशायर विश्वास अंगीकार कैल्विनवादी है। लेकिन इसके कैल्विनवाद को नरम कैल्विनवाद कहा जाता है। कुछ लोग इसे एक संतुलित कैल्विनवादी अंगीकार मानते हैं, क्योंकि यह परमेश्वर की सम्प्रभुता के साथ-साथ मनुष्य की जिम्मेदारी पर भी जोर डालता है। मैं दो बिंदुओं के विषय में बात करना चाहता हूँ। बिंदु छः में मैं नरक जाने… Continue reading न्यू हैम्पशायर विश्वास अंगीकार (जॉन न्यूटन ब्राउन द्वारा)

मनुष्य जिस अवस्था में गिरा, उसमे क्या दुर्गति है ? ((चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-18)

मनुष्य जिस अवस्था में गिरा, उसमे क्या दुर्गति है ? उत्तर: पतन के कारण सम्पूर्ण मनुष्य जाति का परमेश्वर के साथ रिश्ता टूट गया (उत्पत्ति 3:8,24), वे उसके क्रोध और शाप के अंतर्गत आ गए (इफिसियों 2:3; गलातियों 3:10) और इस जीवन के सम्पूर्ण दुखों, मृत्यु और फिर नरक की सदाकालीन पीड़ाओं के भागी हो… Continue reading मनुष्य जिस अवस्था में गिरा, उसमे क्या दुर्गति है ? ((चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-18)

उस अवस्था की पापमयता किन बातों में निहित है, जिसमें मनुष्य गिर गया ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-17)

उस अवस्था की पापमयता किन बातों में निहित है, जिसमें मनुष्य गिर गया ? उत्तर: जिस अवस्था में मनुष्य गिरा, उस अवस्था की पापमयता आदम के प्रथम पाप के दोष (रोमियों 5:19), मूल धार्मिकता की कमी (रोमियों 3:10), सम्पूर्ण स्वभाव की भ्रष्टता, जिसे सामान्य रूप से मूल पाप कहा जाता है (इफिसियों 2:1; भजन सहिंता… Continue reading उस अवस्था की पापमयता किन बातों में निहित है, जिसमें मनुष्य गिर गया ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-17)

पतन मनुष्य जाति को किस अवस्था में ले आया ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-16)

पतन मनुष्य जाति को किस अवस्था में ले आया ? उत्तर: पतन मनुष्य जाति  को पाप और दुर्गति की अवस्था में ले आया (रोमियों 5:18)। साक्षी आयतें: इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वैसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त… Continue reading पतन मनुष्य जाति को किस अवस्था में ले आया ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-16)

क्या आदम के पाप में सम्पूर्ण मनुष्य जाति पतित हो (गिर) गई ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-15)

क्या आदम के पाप में सम्पूर्ण मनुष्य जाति पतित हो (गिर) गई ? उत्तर: आदम के साथ बाँधी गई वाचा सिर्फ उसके लिए नहीं थी, परन्तु उसके सम्पूर्ण वंश के लिए भी थी। सामान्य प्रजनन के द्वारा उससे उत्पन्न सम्पूर्ण मनुष्य जातिसामान्य प्रजनन के द्वारा उससे उत्पन्न सब मनुष्य ने उसमे पाप किया और उसके… Continue reading क्या आदम के पाप में सम्पूर्ण मनुष्य जाति पतित हो (गिर) गई ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-15)

पाप क्या है ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-14)

पाप क्या है ? उत्तर: पमेश्वर के कानून/व्यवस्था को न मानना या उसका उल्लंघन करना पाप है (1 यूहन्ना 3:4)। साक्षी आयतें: जो कोई पाप करता है, वह व्यवस्था का विरोध करता है; और पाप तो व्यवस्था का विरोध है।  (1 यूहन्ना 3:4) इसलिये जो कोई भलाई करना जानता है और नहीं करता, उसके लिये… Continue reading पाप क्या है ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-14)

क्या हमारे माता पिता उस अवस्था में बने रहे, जिसमे उनकी सृष्टि हुई थी ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-13)

क्या हमारे माता पिता उस अवस्था में बने रहे, जिसमे उनकी सृष्टि हुई थी ? उत्तर: अपनी स्वतंत्र इच्छा पर छोड़ दिए जाने पर हमारे प्रथम माता-पिता ने वर्जित फल खाकर  (उत्पत्ति 3:6-8) परमेश्वर के खिलाफ पाप किया  (सभोपदेशक 7:29) और उस अवस्था से गिर गए जिसमे उनको बनाया गया था। साक्षी आयतें: अत: जब… Continue reading क्या हमारे माता पिता उस अवस्था में बने रहे, जिसमे उनकी सृष्टि हुई थी ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-13)

मनुष्य को बनाने पर उसकी सृष्टिगत अवस्था में परमेश्वर ने उसके सामने क्या विधान या व्यवस्था रखी ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-12)

मनुष्य को बनाने पर उसकी सृष्टिगत अवस्था में परमेश्वर ने उसके सामने क्या विधान या व्यवस्था रखी ? उत्तर: मनुष्य को बनाने पर परमेश्वर ने उसके साथ सिद्ध आज्ञापालन की शर्त पर जीवन की वाचा बनाई (गलातियों 3:12)  और भले और बुरे के ज्ञान के फल को खाने से मना किया, जिसको ना मानने की… Continue reading मनुष्य को बनाने पर उसकी सृष्टिगत अवस्था में परमेश्वर ने उसके सामने क्या विधान या व्यवस्था रखी ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-12)

परमेश्वर के प्रबंधन (सृष्टि के रख-रखाव) के कार्य क्या हैं ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-11)

परमेश्वर के प्रबंधन (सृष्टि के रख-रखाव) के कार्य क्या हैं ? उत्तर: परमेश्वर के द्वारा उसकी परम पवित्रता  (भजन सहिंता 145:17), बुद्धि (यशायाह 28:29) और सामर्थ (इब्रानियों 1:3) के साथ सब प्राणियों को जीने और उनके सब कार्य करने की शक्ति देने और उन पर प्रभुता करने को प्रबंधन के कार्य कहा जाता है (भजन… Continue reading परमेश्वर के प्रबंधन (सृष्टि के रख-रखाव) के कार्य क्या हैं ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-11)