हिंदी बाइबिल अध्ययन

परमेश्वर (God)

परमेश्वर अपने विधानों (decrees) को कैसे पूरा करता है ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-8)

8. परमेश्वर अपने विधानों (decrees) को कैसे पूरा करता है ? उत्तर: परमेश्वर अपने विधानों को सृष्टि निर्माण  (प्रकाशितवाक्य 4:11) और उसके   प्रबंधन  (रखरखाव) (दानिय्येल 4:35) के कामों में पूरा करता है? साक्षी आयतें: “हे हमारे प्रभु और परमेश्वर, तू ही महिमा और आदर और सामर्थ्य के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएँ सृजीं …

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परमेश्वर के विधान (decrees) क्या हैं ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-7)

परमेश्वर के विधान (decrees) क्या हैं ? उत्तर: परमेश्वर के विधान उसकी अपनी ही इच्छा के मत के अनुसार अनादि उद्देश्य हैं, जिसके द्वारा उसने जो कुछ भी होता है, उस सब को पूर्वनिर्धारित किया है। (इफिसियों 1:11-12) साक्षी आयतें: उसी में जिसमें हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार …

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परमेश्वरत्व में कितने व्यक्ति हैं ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-6)

उत्तर: परमेश्वरत्व में तीन व्यक्ति हैं: पिता, पुत्र और पवित्र आत्मा।  ये तीनों एक परमेश्वर है: अस्तित्व में एक समान और सामर्थ और महिमा में बराबर। (1 यूहन्ना 5:7; मत्ती 28:19) साक्षी आयतें: स्वर्ग में गवाही देनेवाले तीन हैं, पिता, वचन, और पवित्र आत्मा; और ये तीनों एक हैं। (1 यूहन्ना 5:7) इसलिये तुम जाओ, …

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क्या एक से ज्यादा ईश्वर हैं ? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-5)

उत्तर: नहीं, केवल एक ही (व्यवस्थाविवरण 6:4) जीवित और सच्चा परमेश्वर (यिर्मयाह 10:10) है। साक्षी आयतें: हे इस्राएल, सुन, यहोवा हमारा परमेश्‍वर है, यहोवा एक ही है (व्यवस्थाविवरण 6:4) परन्तु यहोवा वास्तव में परमेश्‍वर है; जीवित परमेश्‍वर और सदा का राजा वही है। उसके प्रकोप से पृथ्वी काँपती है, और जाति जाति के लोग उसके …

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परमेश्वर क्या है? (चार्ल्स स्पर्जन प्रश्नोत्तरी-4)

4. परमेश्वर क्या है? उत्तर: परमेश्वर आत्मा है  (यूहन्ना 4:24), जो कि अपने अस्तित्व (निर्गमन 3:14), बुद्धि, सामर्थ (भजन सहिंता 147:5) , पवित्रता  (प्रकाशितवाक्य 4:8), न्याय, भलाई और सच्चाई (निर्गमन 34:6-7) में अनंत (अय्यूब 11:7), अनादि, अमर (भजन 90:2; 1 तीमुथियुस 1:17), और अपरिवर्तनशील (याकूब1:17)  है। साक्षी आयतें: परमेश्‍वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसकी …

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A. W. Pink

परमेश्वर की एकान्तता (Solitariness of God)

लेखक: ए. डब्ल्यू. पिंक (“परमेश्वर के गुण” नामक पुस्तक से)  अनुवादक: पंकज (1) शायद अध्याय का शीर्षक इसके विषय को  इंगित करने के लिए पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं है। इसका कुछ कारण तो यह है कि बहुत कम लोगों में परमेश्वर के वैयक्तिक सिद्ध गुणों पर ध्यान करने की आदत है।  तुलनात्मक रूप से …

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क्या परमेश्वर पछताता है और अपनी इच्छा बदलता है?

क्या परमेश्वर पछताता है और अपनी इच्छा बदलता है? पहली बात तो ये प्रश्न पूछना ही गलत, अतार्किक है, मूर्खतापूर्ण है। ये प्रश्न पूछना ऐसा है जैसे कोई पूछे कि उजाला अँधेरा होता है क्या ? यदि कोई कहे कि परमेश्वर पछताता है या अपनी इच्छा बदल देता है, तो मुझे जोर से गुस्सा आता …

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त्रिएक परमेश्वर से प्रार्थना

“दर्शन की तराई” पुस्तक में से पहली प्रार्थना (First Prayer from the Book “Valley of Vision”) एक में तीन, तीन में एक, मेरे उद्धारकर्ता परमेश्वर, स्वर्गीय पिता, धन्य पुत्र, अनादि आत्मा, तीन भिन्न व्यक्तियों में एक परमेश्वर, मैं आपकी एक ही परमेश्वर के रूप में आराधना करता हूँ पापियों को आपका और आपके राज्य का …

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यीशु मसीह परमेश्वर है।साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -4)

आपका अनंत जीवन इसी पर निर्भर करता है कि आप यीशु मसीह को क्या मानते हैं। यदि आप यीशु मसीह को सिर्फ एक गुरु या नबी मानते हैं तो आप नरक में जा रहें हैं। उद्धार पाने के लिए यह ज़रूरी है कि आप प्रभु यीशु मसीह को परमेश्वर का अनादि बेटा और परमेश्वर माने …

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trinity in hindi logosinhindi

त्रिएक परमेश्वर- साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -3)

त्रिएकता को समझना: त्रिएकता शब्द में एक और  त्रि (तीन) दोनों शब्द आतें हैं। त्रिएक का अर्थ होगा: एक लेकिन फिर भी तीन या तीन लेकिन फिर भी एक। दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि एक में तीन है या तीन में एक।  लेकिन क्या ये तार्किक रूप से परस्पर विरोधी (logically …

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