विनम्र प्रार्थना-1


इस श्रृंखला का उद्देश्य मसीही विश्वासियों की प्रार्थनाओं को और भी ज्यादा पवित्र शास्त्र सम्मत और दीन बनाना है।

 

है मेरे मालिक, मेरे परमेश्वर,
जैसे कुछ पाने के लिए
दास अपने मालिक के हाथों की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखता है
और जैसे दासी अपनी मालकिन के हाथों की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखती है,
वैसे ही मैं अपनी आँखें तेरे अनुग्रहकारी हाथों की ओर लगाता हूँ।
तू मुझे धन दे तेरी दया का।

 

है मेरे मालिक, मेरे परमेश्वर,
जैसे कुछ पाने के लिए
लाचार भिखारी धनवान व्यक्ति की ओर रोज़ हाथ फैलाता है,
वैसे ही मैं तेरे आगे हाथ फैलाता हूँ।
तू मुझे धन दे तेरे अनुग्रह का

 

है मेरे मालिक, मेरे परमेश्वर,
जैसे रोटी पाने के लिए
कुत्ता अपने मालिक की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देखता है,
वैसे ही मैं अपनी आँखें तेरे अनुग्रहकारी हाथों की ओर लगाता हूँ।
तू मुझे तृप्त कर वचन की रोटी से।

यीशु मसीह का गुलाम
पंकज

3 thoughts on “विनम्र प्रार्थना-1”

  1. Anita saini says:

    👌👌 Praise god..

  2. KANTI KATARA says:

    NISE GOOD WORK

  3. Seema sangeliya says:

    Praise and worship… Awesome😀🙌

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *