या तो सुबह जल्दी, या कभी नहीं (साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 17) (Weekly Doctrinal Devotional-17)

हम विश्वासी सुबह जल्दी उठकर प्रार्थना, बाइबल पठन और मनन के द्वारा परमेश्वर को नहीं खोजने के कई बहाने बना सकते हैं; जैसे

  • मैं नाईट पर्सन हूँ।
  • मैं रात में सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव होता हूँ।
  • सुबह इतने काम होते हैं, संभव ही नहीं होता।
  • हमे विधिवादी (legalist) नहीं होना चाहिए।
  • मैं मॉर्निंग पर्सन नहीं हूँ।

हम मॉर्निंग पर्सन हों ना हों, लेकिन परमेश्वर “मॉर्निंग परमेश्वर” है। वो अपने वचन में बार बार उसको सुबह सबसे पहले खोजने की आज्ञा देता है। वो कहता है की हम सुबह सुबह “ही” उसे पाएंगे :

जो मुझ से प्रेम रखते हैं, उनसे मैं भी
प्रेम रखती हूँ,
और जो मुझ को यत्न से तड़के उठकर
खोजते हैं, वे मुझे पाते हैं। (नीतिवचन 8:17)

परमेश्वर मूसा को सुबह सुबह उठकर उससे मिलने का हुक्म देता है :

सबेरे तैयार रहना, और भोर को सीनै पर्वत पर चढ़कर उसकी चोटी पर मेरे सामने खड़ा होना। (निर्गमन 34:2)

मैं यह नहीं कह रहा कि परमेश्वर दिन में, शाम को या रात को हमसे दूर है। वह दूर नहीं होता, परन्तु हम दूर हो जाते हैं। सुबह सुबह जब हमारा दिलो दिमाग ताज़गी से भरा होता और हमारी एकाग्रता सर्वाधिक होती है और शैतान और दुनिया के प्रलोभन न्यूनतम होते हैं, यदि तब हमने परमेश्वर को प्रार्थना, बाइबल पठन और मनन के द्वारा नहीं खोजा, तो संभवतया पूरे दिन भी जब हमारे पास काम का अत्यधिक दबाव होता है और सब तरह के विकर्षण (distractions) और प्रलोभन (temptations) होते हैं, नहीं खोज पाएंगे। यदि हमे समय मिल भी गया, तो भी संभवतया हम उसे नहीं खोज पाएंगे, क्योंकि तब तक उसको पाने की हमारी इच्छा या तो ख़तम हो चुकी होगी या बहुत ही कमजोर हो चुकी होगी।

यीशु मसीह खुद परमेश्वर को सुबह सुबह खोजता था:

भोर को दिन निकलने से बहुत पहले, वह उठकर निकला, और एक जंगली स्थान में गया और वहाँ प्रार्थना करने लगा। (मरकुस 1:34)

भजनकार परमेश्वर को सुबह सुबह खोजता था :

हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी,
मैं भोर को प्रार्थना करके तेरी बाट जोहूँगा। (भजन 5:3)

भोर को तेरी करुणा का जयजयकार
करूँगा। (भजन 59:16)

भोर को मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुँचेगी। (भजन 88:13)

हे मेरी आत्मा  जाग जा हे सारंगी और
वीणा जाग जाओ!
मैं भी पौ फटते ही जाग उठूँगा। (भजन 57:8)

मैं ने पौ फटने से पहले दोहाई दी;
मेरी आशा तेरे वचनों पर थी। (भजन 119:147)

क्या जो लोग अपने आप को नाईट पर्सन बोलते हैं, वो परमेश्वर से ज्यादा समझदार है जिसने रात सोने के लिए और दिन जागने के लिए बनाई है ? क्या जो लोग सुबह की प्रार्थना के अनुशासन को विधिवाद (legalism) बोलते हैं यीशु मसीह और दाऊद से ज्यादा ज्ञानी हैं ?

यह एक सामान्य सत्य है : यदि हम परमेश्वर को सुबह नहीं खोजेंगे तो पूरे दिन भी नहीं खोज पाएंगे। इन आयतों को देखिये :

हे आलसी, तू कब तक सोता रहेगा?
तेरी नींद कब टूटेगी?
कुछ और सो लेना,
थोड़ी सी नींद, एक और झपकी,
थोड़ा और छाती पर हाथ रखे लेटे रहना,
तब तेरा कंगालपन राह के लुटेरे के समान
और तेरी घटी हथियार बन्द के समान
आ पड़ेगी। (नीतिवचन 6:9-11)

सामान्यतया, जो व्यक्ति सुबह जल्दी उठ कर परमेश्वर को नहीं खोजेगा, वो आत्मिक रूप से गरीब रहेगा और उसमे पवित्र आत्मा के फ़लों का अत्यंत अभाव रहेगा।

सुबह जल्दी उठने में सहायक कुछ टिप्स (सलाह):

  • सुबह जल्दी उठने की योजना बनाइये।
  • सुबह जल्दी उठ कर परमेश्वर को खोजने को अपनी ज़िन्दगी का सबसे बड़ा मकसद बना लीजिये ।
  • सुबह जल्दी उठ कर परमेश्वर को खोजने की प्रार्थना बार बार पूरे मन से करते रहिये।
  • जल्दी उठने के फायदो और जल्दी ना उठने के नुकसानों के बारे में बार बार सोचिये और कल्पना (visualize) कीजिये।
  • रात को जल्दी (9 बजे तक) सोइये।
  • प्रगतिशील अलार्मज़ (Innovative Alarms) का इस्तेमाल कीजिये जो आप को उठा ही दे। प्रगतिशील अलार्मज़ में आप को कुछ टाइप करना पड़ता है या फोटो लेना पड़ता है या पहेली हल करनी पड़ती है या तीन बार घूमना पड़ता है या कुछ कदम चलना पड़ता है। आप जब तक उस चुनौती को पूरा नहीं कर देते, तब तक वह बजेगा। इनमे से एक प्रगतिशील अलार्म है: चैलेंजेज अलार्म।
  • कुछ दिन आप ऊंघते हुए प्रार्थना करेंगे या सो भी जाएंगे, लेकिन प्रयास करते रहें। आप को जल्द ही आदत हो जायेगी।

परमेश्वर हम पर दया करे।

प्रोत्साहन : जब सुबह उठ कर हम स्वर्गीय आशीषों को पा सकते हैं और स्वर्गीय आनंद और शांति के साथ सफलतापूर्वक दिन बिता सकते हैं, तो हम क्यों अपने दिनों को बर्बाद करें और परमेश्वर का अपमान करें। आइये आज से एक नया अध्याय शुरू करें।

उदहारण प्रार्थना : है पिता परमेश्वर, मुझे माफ़ कर दीजिये मेरी प्रार्थनाहीनता के लिए। मैं आपको तड़के खोजना चाहता हूँ। कृपया मेरी मदद कीजिये। आपके बेटे यीशु मसीह के नाम से।

शिक्षाएं (Doctrines Involved in this Devotional):
पवित्रीकरण (Sanctification)

अधिक अध्ययन करने के लिए:

https://www.youtube.com/watch?v=9fPUxAetKeA

https://www.desiringgod.org/articles/first-things-first-making-the-most-of-your-morning

 

4 thoughts on “या तो सुबह जल्दी, या कभी नहीं (साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 17) (Weekly Doctrinal Devotional-17)”

  1. Seema sangeliya

    Thank you Bhaiya…..humhe bible ki in chotti chotti baato ki value smjhne k liye…. Jo humhe or God ki trf drive krti hai … God bless you…🙌

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