Doctrine of Unconditional Election बिना शर्त चुनाव की शिक्षा/सिद्धांत:

Doctrine of Unconditional Election

परमेश्वर ही ने कुछ लोगों को बिना किसी शर्त के अनंत में अर्थात इस दुनिया को बनाने से पहले उद्धार के लिए चुन लिया था. उसने हमको इसलिए नहीं चुना की हम में कोई भलाई थी ना हीं इसलिए की उसने भविष्य में ये देख लिया की हम उस को चुनेंगे. उसने हमें इस लिए चुना क्योंकि उसे मालूम था की हम पापों में मरे उसके दुश्मन उसको वैसे ही ग्रहण नहीं कर सकते जैसे कोई दक्षिण अफ्रीका का आदमी अपना रंग नहीं बदल सकता और जैसे की एक तेंदुआ अपने धब्बे नहीं बदल सकता. (Jer 13:23) उसने हम पर अनंत में दया की और हम को अपना बनाने के लिए चुन लिया. इस शिक्षा या सिद्धांत को हम बाइबल की हर किताब में बहुतायात और स्पष्टता के साथ देख सकते हैं. उनमे से कुछ साक्षी आयतें (prooftexts) हम नीचे दे रहें हैं

 

Ps 65:4

Blessed is the one you choose and bring near, to dwell in your courts! We shall be satisfied with the goodness of your house, the holiness of your temple!

क्या ही धन्य है वह; जिस को तू चुनकर अपने समीप आने देता है, कि वह तेरे आंगनों में बास करे! हम तेरे भवन के, अर्थात तेरे पवित्र मन्दिर के उत्तम उत्तम पदार्थों से तृप्त होंगे॥

Mt 11:25-30

At that time Jesus declared, “I thank you, Father, Lord of heaven and earth, that you have hidden these things from the wise and understanding and revealed them to little children26 yes, Father, for such was your gracious will. 27 All things have been handed over to me by my Father, and no one knows the Son except the Father, and no one knows the Father except the Son and anyone to whom the Son chooses to reveal him. 28 Come to me, all who labor and are heavy laden, and I will give you rest. 29 Take my yoke upon you, and learn from me, for I am gentle and lowly in heart, and you will find rest for your souls. 30 For my yoke is easy, and my burden is light.”

उस अवसर पर यीशु बोला, “परम पिता, तू स्वर्ग और धरती का स्वामी है, मैं तेरी स्तुति करता हूँ क्योंकि तूने इन बातों को, उनसे जो ज्ञानी हैं और समझदार हैं, छिपा कर रखा है। और जो भोले भाले हैं उनके लिए प्रकट किया है।
हाँ परम पिता यह इसलिये हुआ, क्योंकि तूने इसे ही ठीक जाना।
“मेरे परम पिता ने सब कुछ मुझे सौंप दिया और वास्तव में परम पिता के अलावा कोई भी पुत्र को नहीं जानता। और कोई भी पुत्र के अलावा परम पिता को नहीं जानता। और हर वह व्यक्ति परम पिता को जानता है, जिसके लिये पुत्र ने उसे प्रकट करना चाहा है।
“हे थके-माँदे, बोझ से दबे लोगो, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें सुख चैन दूँगा।
लो और उसे अपने ऊपर सँभालो। फिर मुझसे सीखो क्योंकि मैं सरल हूँ और मेरा मन कोमल है। तुम्हें भी अपने लिये सुख-चैन मिलेगा।
क्योंकि वह जुआ जो मैं तुम्हें दे रहा हूँ बहुत सरल है। और वह बोझ जो मैं तुम पर डाल रहा हूँ, हल्का है।”

Mt 22:14 

For many are called, but few are chosen.

क्योंकि बुलाये तो बहुत गये हैं पर चुने हुए थोड़े से हैं।

Jn 6:37 

All that the Father gives me will come to me, and whoever comes to me I will never cast out.

जो कुछ पिता मुझे देता है वह सब मेरे पास आएगा, उसे मैं कभी निकालूंगा।

Jn 13:18 

I am not speaking of all of you; I know whom I have chosen. But the Scripture will be fulfilled, ‘He who ate my bread has lifted his heel against me.[3]

मैं तुम सब के विषय में नहीं कहता: जिन्हें मैं ने चुन लिया है, उन्हें मैं जानता हूं: परन्तु यह इसलिये है, कि पवित्र शास्त्र का यह वचन पूरा हो, कि जो मेरी रोटी खाता है, उस ने मुझ पर लात उठाई।

Jn 15:16

 You did not choose me, but I chose you and appointed you that you should go and bear fruit and that your fruit should abide, so that whatever you ask the Father in my name, he may give it to you.

तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जाकर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे।

Acts 2:39

 For the promise is for you and for your children and for all who are far off, everyone whom the Lord our God calls to himself.”

क्योंकि यह प्रतिज्ञा तुम, और तुम्हारी सन्तानों, और उन सब दूर दूर के लोगों के लिये भी है जिन को प्रभु हमारा परमेश्वर अपने पास बुलाएगा।

Acts 2:47

 praising God and having favor with all the people. And the Lord added to their number day by day those who were being saved.

और परमेश्वर की स्तुति करते थे, और सब लोग उन से प्रसन्न थे: और जो उद्धार पाते थे, उन को प्रभु प्रति दिन उन में मिला देता था॥

Acts 13:46-48 

And Paul and Barnabas spoke out boldly, saying, “It was necessary that the word of God be spoken first to you. Since you thrust it aside and judge yourselves unworthy of eternal life, behold, we are turning to the Gentiles. 47 For so the Lord has commanded us, saying, “‘I have made you a light for the Gentiles, that you may bring salvation to the ends of the earth.’” 48 And when the Gentiles heard this, they began rejoicing and glorifying the word of the Lord, and as many as were appointed to eternal life believed.

परन्तु यहूदी भीड़ को देख कर डाह से भर गए, और निन्दा करते हुए पौलुस की बातों के विरोध में बोलने लगे।तब पोलुस और बरनबास ने निडर होकर कहा, अवश्य था, कि परमेश्वर का वचन पहिले तुम्हें सुनाया जाता: परन्तु जब कि तुम उसे दूर करते हो, और अपने को अनन्त जीवन के योग्य नहीं ठहराते, तो देखो, हम अन्यजातियों की ओर फिरते हैं।क्योंकि प्रभु ने हमें यह आज्ञा दी है; कि मैने तुझे अन्याजातियों के लिये ज्योति ठहराया है; ताकि तू पृथ्वी की छोर तक उद्धार का द्वार हो।

Rom 8:29-30

 For those whom he foreknew he also predestined to be conformed to the image of his Son, in order that he might be the firstborn among many brothers. 30 And those whom he predestined he also called, and those whom he called he also justified, and those whom he justified he also glorified.

क्योंकि जिन्हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।फिर जिन्हें उस ने पहिले से ठहराया, उन्हें बुलाया भी, और जिन्हें बुलाया, उन्हें धर्मी भी ठहराया है, और जिन्हें धर्मी ठहराया, उन्हें महिमा भी दी है॥

Rom 11:5-7

 So too at the present time there is a remnant, chosen by grace6 But if it is by grace, it is no longer on the basis of works; otherwise grace would no longer be grace. 7 What then? Israel failed to obtain what it was seeking. The elect obtained it, but the rest were hardened,

सो इसी रीति से इस समय भी, अनुग्रह से चुने हुए कितने लोग बाकी हैं।यदि यह अनुग्रह से हुआ है, तो फिर कर्मों से नहीं, नहीं तो अनुग्रह फिर अनुग्रह नहीं रहा।सो परिणाम क्या हुआ यह? कि इस्त्राएली जिस की खोज में हैं, वह उन को नहीं मिला; परन्तु चुने हुओं को मिला और शेष लोग कठोर किए गए हैं।

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Eph 1:3-6 

Blessed be the God and Father of our Lord Jesus Christ, who has blessed us in Christ with every spiritual blessing in the heavenly places, 4 even as he chose us in him before the foundation of the world, that we should be holy and blameless before him. In love 5 he predestined us for adoption as sons through Jesus Christ, according to the purpose of his will6 to the praise of his glorious grace, with which he has blessed us in the Beloved.

हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, कि उस ने हमें मसीह में स्वर्गीय स्थानों में सब प्रकार की आशीष दी है।जैसा उस ने हमें जगत की उत्पति से पहिले उस में चुन लिया, कि हम उसके निकट प्रेम में पवित्र और निर्दोष हों।और अपनी इच्छा की सुमति के अनुसार हमें अपने लिये पहिले से ठहराया, कि यीशु मसीह के द्वारा हम उसके लेपालक पुत्र हों,कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।

Eph 1:11-12 

In him we have obtained an inheritance, having been predestined according to the purpose of him who works all things according to the counsel of his will, 12 so that we who were the first to hope in Christ might be to the praise of his glory.

उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।कि हम जिन्हों ने पहिले से मसीह पर आशा रखी थी, उस की महिमा की स्तुति के कारण हों।

Eph 2:10 

For we are his workmanship, created in Christ Jesus for good works, which God prepared beforehand, that we should walk in them.

क्योंकि हम उसके बनाए हुए हैं; और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिये सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहिले से हमारे करने के लिये तैयार किया॥

Phil 2:12-13

 Therefore, my beloved, as you have always obeyed, so now, not only as in my presence but much more in my absence, work out your own salvation with fear and trembling, for 13 it is God who works in you, both to will and to work for his good pleasure.

सो हे मेरे प्यारो, जिस प्रकार तुम सदा से आज्ञा मानते आए हो, वैसे ही अब भी केवल मेरे साथ रहते हुए पर विशेष करके अब मेरे दूर रहने पर भी डरते और कांपते हुए अपने अपने उद्धार का कार्य पूरा करते जाओ।क्योंकि परमेश्वर ही है, जिस अपनी सुइच्छा निमित्त तुम्हारे मन में इच्छा और काम, दोनों बातों के करने का प्रभाव डाला है।

1Thess 1:4-5

 For we know, brothers loved by God, that he has chosen you, 5 because our gospel came to you not only in word, but also in power and in the Holy Spirit and with full conviction. You know what kind of men we proved to be among you for your sake.

और हे भाइयो, परमेश्वर के प्रिय लोगों हम जानतें हैं, कि तुम चुने हुए हो।
क्योंकि हमारा सुसमाचार तुम्हारे पास न केवल वचन मात्र ही में वरन सामर्थ और पवित्र आत्मा, और बड़े निश्चय के साथ पहुंचा है; जैसा तुम जानते हो, कि हम तुम्हारे लिये तुम में कैसे बन गए थे।

1Thess 5:9-10

 For God has not destined us for wrath, but to obtain salvation through our Lord Jesus Christ, 10 who died for us so that whether we are awake or asleep we might live with him.

क्योंकि परमेश्वर ने हमें क्रोध के लिये नहीं, परन्तु इसलिये ठहराया कि हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा उद्धार प्राप्त करें।वह हमारे लिये इस कारण मरा, कि हम चाहे जागते हों, चाहे सोते हों: सब मिलकर उसी के साथ जीएं।

2Thess 2:13-14

 But we ought always to give thanks to God for you, brothers beloved by the Lord, because God chose you as the firstfruits to be saved, through sanctification by the Spirit and belief in the truth. 14 To this he called you through our gospel, so that you may obtain the glory of our Lord Jesus Christ.

प्रभु में प्रिय भाईयों, तुम्हारे लिए हमें सदा परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए क्योंकि परमेश्वर ने आत्मा के द्वारा तुम्हें पवित्र करके और सत्य में तुम्हारे विश्वास के कारण उद्धार पाने के लिए तुम्हें चुना है। जिन व्यक्तियों का उद्धार होना है, तुम उस पहली फसल के एक हिस्से हो।
और इसी उद्धार के लिए जिस सुसमाचार का हमने तुम्हें उपदेश दिया है उसके द्वारा परमेश्वर ने तुम्हें बुलाया ताकि तुम भी हमारे प्रभु यीशु मसीह की महिमा को धारण कर सको।

1Pet 1:1-2

Peter, an apostle of Jesus Christ, To those who are elect exiles of the Dispersion in Pontus, Galatia, Cappadocia, Asia, and Bithynia, 2according to the foreknowledge of God the Father, in the sanctification of the Spirit, for obedience to Jesus Christ and for sprinkling with his blood: May grace and peace be multiplied to you.

पतरस की ओर से जो यीशु मसीह का प्रेरित है, उन परदेशियों के नाम, जो पुन्तुस, गलतिया, कप्पदुकिया, आसिया, और बिथुनिया में तित्तर बित्तर होकर रहते हैं।और परमेश्वर पिता के भविष्य ज्ञान के अनुसार, आत्मा के पवित्र करने के द्वारा आज्ञा मानने, और यीशु मसीह के लोहू के छिड़के जाने के लिये चुने गए हैं। तुम्हें अत्यन्त अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे॥

Isa 43:6-7 

I will say to the north, Give up, and to the south, Do not withhold; bring my sons from afar and my daughters from the end of the earth, 7 everyone who is called by my name, whom I created for my glory, whom I formed and made.”

मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;हर एक को जो मेरा कहलाता है, जिस को मैं ने अपनी महिमा के लिये सृजा, जिस को मैं ने रचा और बनाया है॥

Rom 9:22-24

 What if God, desiring to show his wrath and to make known his power, has endured with much patience vessels of wrath prepared for destruction23 in order to make known the riches of his glory for vessels of mercy, which he has prepared beforehand for glory— 24 even us whom he has called, not from the Jews only but also from the Gentiles?

किन्तु इसमें क्या है यदि परमेश्वर ने अपना क्रोध दिखाने और अपनी शक्ति जताने के लिए उन लोगों की, जो क्रोध के पात्र थे और जिनका विनाश होने को था, बड़े धीरज के साथ सही,

उसने उनकी सही ताकि वह उन लोगों के लाभ के लिए जो दया के पात्र थे और जिन्हें उसने अपनी महिमा पाने के लिए बनाया था, उन पर अपनी महिमा प्रकट कर सके।

अर्थात हम जिन्हें उसने केवल यहूदियों में से बुलाया बल्कि ग़ैर यहूदियों में से भी

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Eph 2:4-7 

But God, being rich in mercy, because of the great love with which he loved us5 even when we were dead in our trespassesmade us alive together with Christ— by grace you have been saved—6 and raised us up with him and seated us with him in the heavenly places in Christ Jesus, 7 so that in the coming ages he might show the immeasurable riches of his grace in kindness toward us in Christ Jesus.

परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया।जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)और मसीह यीशु में उसके साथ उठाया, और स्वर्गीय स्थानों में उसके साथ बैठाया।कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आने वाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।

2Tim 1:8-12 

Therefore do not be ashamed of the testimony about our Lord, nor of me his prisoner, but share in suffering for the gospel by the power of God, 9 who saved us and called us to a holy callingnot because of our works but because of his own purpose and grace, which he gave us in Christ Jesus before the ages began10 and which now has been manifested through the appearing of our Savior Christ Jesus, who abolished death and brought life and immortality to light through the gospel, 11 for which I was appointed a preacher and apostle and teacher, 12which is why I suffer as I do. But I am not ashamed, for I know whom I have believed, and I am convinced that he is able to guard until that Day what has been entrusted to me.

इसलिये हमारे प्रभु की गवाही से, और मुझ से जो उसका कैदी हूं, लज्ज़ित हो, पर उस परमेश्वर की सामर्थ के अनुसार सुसमाचार के लिये मेरे साथ दुख उठा।जिस ने हमारा उद्धार किया, और पवित्र बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है जो मसीह यीशु में सनातन से हम पर हुआ है।पर अब हमारे उद्धारकर्ता मसीह यीशु के प्रगट होने के द्वारा प्रकाश हुआ, जिस ने मृत्यु का नाश किया, और जीवन और अमरता को उस सुसमाचार के द्वारा प्रकाशमान कर दिया।जिस के लिये मैं प्रचारक, और प्रेरित, और उपदेशक भी ठहरा।इस कारण मैं इन दुखों को भी उठाता हूं, पर लजाता नहीं, क्योंकि मैं उसे जिस की मैं ने प्रतीति की है, जानता हूं; और मुझे निश्चय है, कि वह मेरी थाती की उस दिन तक रखवाली कर सकता है।

Jn 1:11-13

 He came to his own, and his own people did not receive him. 12 But to all who did receive him, who believed in his name, he gave the right to become children of God13 who were born, not of blood nor of the will of the flesh nor of the will of man, but of God.

वह अपने घर आया और उसके अपनों ने उसे ग्रहण नहीं किया।परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उस ने उन्हें परमेश्वर के सन्तान होने का अधिकार दिया, अर्थात उन्हें जो उसके नाम पर विश्वास रखते हैं।वे तो लोहू से, शरीर की इच्छा से, मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।

Rom 9:15-16

 For he says to Moses, “I will have mercy on whom I have mercy, and I will have compassion on whom I have compassion.” 16 So then it depends not on human will or exertion, but on God, who has mercy.

क्योंकि वह मूसा से कहता है, मैं जिस किसी पर दया करना चाहूं, उस पर दया करूंगा, और जिस किसी पर कृपा करना चाहूं उसी पर कृपा करूंगा।सो यह तो चाहने वाले की, दौड़ने वाले की परन्तु दया करने वाले परमेश्वर की बात है।

1Cor 1:30-31 

And because of him you are in Christ Jesus, who became to us wisdom from God, righteousness and sanctification and redemption, 31 so that, as it is written, “Let the one who boasts, boast in the Lord.”

परन्तु उसी की ओर से तुम मसीह यीशु में हो, जो परमेश्वर की ओर से हमारे लिये ज्ञान ठहरा अर्थात धर्म, और पवित्रता, और छुटकारा।ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे॥

Jas 1:18

 Of his own will he brought us forth by the word of truth, that we should be a kind of firstfruits of his creatures.

उस ने अपनी ही इच्छा से हमें सत्य के वचन के द्वारा उत्पन्न किया, ताकि हम उस की सृष्टि की हुई वस्तुओं में से एक प्रकार के प्रथम फल हों॥

Jer 1:5

 “Before I formed you in the womb I knew you, and before you were born I consecrated youI appointed you a prophet to the nations.”

गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया; मैं ने तुझे जातियों का भविष्यद्वक्ता ठहराया।

Rom 9:10-13 

And not only so, but also when Rebekah had conceived children by one man, our forefather Isaac, 11 though they were not yet born and had done nothing either good or bad—in order that God’s purpose of election might continue, not because of works but because of him who calls— 12 she was told, “The older will serve the younger.” 13 As it is written, “Jacob I loved, but Esau I hated.”[4]

और केवल यही नहीं, परन्तु जब रिबका भी एक से अर्थात हमारे पिता इसहाक से गर्भवती थी।और अभी तक तो बालक जन्मे थे, और उन्होंने कुछ भला या बुरा किया था कि उस ने कहा, कि जेठा छुटके का दास होगा।इसलिये कि परमेश्वर की मनसा जो उसके चुन लेने के अनुसार है, कर्मों के कारण नहीं, परन्तु बुलाने वाले पर बनी रहे।जैसा लिखा है, कि मैं ने याकूब से प्रेम किया, परन्तु एसौ को अप्रिय जाना॥

Rom 10:20 

Then Isaiah is so bold as to say, “I have been found by those who did not seek me; I have shown myself to those who did not ask for me.[5]

फिर यशायाह बड़े हियाव के साथ कहता है, कि जो मुझे नहीं ढूंढ़ते थे, उन्होंने मुझे पा लिया: और जो मुझे पूछते भी थे, उन पर मैं प्रगट हो गया।

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1Cor 1:27-29

 But God chose what is foolish in the world to shame the wise; God chose what is weak in the world to shame the strong; 28 God chose what is low and despised in the world, even things that are not, to bring to nothing things that are, 29 so that no human being might boast in the presence of God.

परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे।और परमेश्वर ने जगत के नीचों और तुच्छों को, वरन जो हैं भी नहीं उन को भी चुन लिया, कि उन्हें जो हैं, व्यर्थ ठहराए।ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्ड करने पाए।

Acts 5:31

 God exalted him at his right hand as Leader and Savior, to give repentance to Israel and forgiveness of sins.

उसी को परमेश्वर ने प्रभु और उद्धारक ठहराकर, अपने दिहने हाथ से सर्वोच्‍च कर दिया, कि वह इस्‍त्राएलियोंको मन फिराव की शक्ति और पापोंकी झमा प्रदान करे।

Acts 11:18

 When they heard these things they fell silent. And they glorified God, saying, “Then to the Gentiles also God has granted repentance that leads to life.”

यह सुनकर, वे चुप रहे, और परमेश्वर की बड़ाई करके कहने लगे, तक तो परमेश्वर ने अन्यजातियोंको भी जीवन के लिये मन फिराव का दान दिया है।

Acts 15:8-9

 And God, who knows the heart, bore witness to them, by giving them the Holy Spirit just as he did to us, 9 and he made no distinction between us and them, having cleansed their hearts by faith.

तब पतरस ने बहुत वादविवाद के बाद खड़े होकर उन से कहा॥ हे भाइयो, तुम जानते हो, कि बहुत दिन हुए, कि परमेश्वर ने तुम में से मुझे चुन लिया, कि मेरे मुंह से अन्यजाति सुसमाचार का वचन सुनकर विश्वास करें।और मन के जांचने वाले परमेश्वर ने उन को भी हमारी नाईं पवित्र आत्मा देकर उन की गवाही दी।

Acts 16:14 

One who heard us was a woman named Lydia, from the city of Thyatira, a seller of purple goods, who was a worshiper of God. The Lord opened her heart to pay attention to what was said by Paul.

सब्त के दिन हम नगर के फाटक के बाहर नदी के किनारे यह समझकर गए, कि वहां प्रार्थना करने का स्थान होगा; और बैठकर उन स्त्रियों से जो इकट्ठी हुई थीं, बातें करने लगे।

Acts 18:27-28

 And when he wished to cross to Achaia, the brothers encouraged him and wrote to the disciples to welcome him. When he arrived, he greatly helped those who through grace had believed, 28 for he powerfully refuted the Jews in public, showing by the Scriptures that the Christ was Jesus.

सो जब उसने अखाया को जाना चाहा तो भाइयों ने उसका साहस बढ़ाया और वहाँ के अनुयायिओं को उसका स्वागत करने को लिख भेजा। जब वह वहाँ पहुँचा तो उनके लिये बड़ा सहायक सिद्ध हुआ जिन्होंने परमेश्वर के अनुग्रह से विश्वास ग्रहण कर लिया था।
क्योंकि शास्त्रों से यह प्रमाणित करते हुए कि यीशु ही मसीह है, उसने यहूदियों को जनता के बीच जोरदार शब्दों में बोलते हुए शास्त्रार्थ में पछाड़ा था।

1Cor 12:8-10 

For to one is given through the Spirit the utterance of wisdom, and to another the utterance of knowledge according to the same Spirit, 9 to another faith by the same Spirit, to another gifts of healing by the one Spirit, 10 to another the working of miracles, to another prophecy, to another the ability to distinguish between spirits, to another various kinds of tongues, to another the interpretation of tongues.

क्योंकि एक को आत्मा के द्वारा बुद्धि की बातें दी जाती हैं; और दूसरे को उसी आत्मा के अनुसार ज्ञान की बातें।और किसी को उसी आत्मा से विश्वास; और किसी को उसी एक आत्मा से चंगा करने का वरदान दिया जाता है।फिर किसी को सामर्थ के काम करने की शक्ति; और किसी को भविष्यद्वाणी की; और किसी को आत्माओं की परख, और किसी को अनेक प्रकार की भाषा; और किसी को भाषाओं का अर्थ बताना।

Eph 2:8-9

For by grace you have been saved through faith. And this is not your own doing; it is the gift of God9 not a result of works, so that no one may boast.[6]

क्योंकि विश्वास के द्वारा अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है, और यह तुम्हारी ओर से नहीं, वरन परमेश्वर का दान है।और कर्मों के कारण, ऐसा हो कि कोई घमण्ड करे।

Phil 1:29-30 

For it has been granted to you that for the sake of Christ you should not only believe in him but also suffer for his sake, 30 engaged in the same conflict that you saw I had and now hear that I still have.

क्योंकि मसीह के कारण तुम पर यह अनुग्रह हुआ कि केवल उस पर विश्वास करो पर उसके लिये दुख भी उठाओ।और तुम्हें वैसा ही परिश्रम करना है, जैसा तुम ने मुझे करते देखा है, और अब भी सुनते हो, कि मैं वैसा ही करता हूं॥

2Tim 2:24-26 

And the Lord’s servant must not be quarrelsome but kind to everyone, able to teach, patiently enduring evil, 25 correcting his opponents with gentleness. God may perhaps grant them repentance leading to a knowledge of the truth, 26 and they may come to their senses and escape from the snare of the devil, after being captured by him to do his will.

और प्रभु के दास को झगड़ालू होना चाहिए, पर सब के साथ कोमल और शिक्षा में निपुण, और सहनशील हो।और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें।और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाएं॥

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Heb 12:1-2 

Therefore, since we are surrounded by so great a cloud of witnesses, let us also lay aside every weight, and sin which clings so closely, and let us run with endurance the race that is set before us, 2 looking to Jesus, the founder and perfecter of our faith, who for the joy that was set before him endured the cross, despising the shame, and is seated at the right hand of the throne of God.

इस कारण जब कि गवाहों का ऐसा बड़ा बादल हम को घेरे हुए है, तो आओ, हर एक रोकने वाली वस्तु, और उलझाने वाले पाप को दूर कर के, वह दौड़ जिस में हमें दौड़ना है, धीरज से दौड़ें।और विश्वास के कर्ता और सिद्ध करने वाले यीशु की ओर ताकते रहें; जिस ने उस आनन्द के लिये जो उसके आगे धरा था, लज्ज़ा की कुछ चिन्ता करके, क्रूस का दुख सहा; और सिंहासन पर परमेश्वर के दाहिने जा बैठा।

2Pet 1:1-2

 Simeon Peter, a servant and apostle of Jesus Christ, To those who have obtained[7] a faith of equal standing with ours by the righteousness of our God and Savior Jesus Christ: 2 May grace and peace be multiplied to you in the knowledge of God and of Jesus our Lord.

शमौन पतरस की और से जो यीशु मसीह का दास और प्रेरित है, उन लोगों के नाम जिन्होंने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धामिर्कता से हमारा सा बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है।परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्ति तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए।

John 10:27–28

 “My sheep hear My voice, and I know them, and they follow Me; 28 and I give eternal life to them, and they will never perish; and no one will snatch them out of My hand.”

मेरी भेड़ें मेरी आवाज को जानती हैं, और मैं उन्हें जानता हूँ। वे मेरे पीछे चलती हैं और

मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ। उनका कभी नाश नहीं होगा। और कोई उन्हें मुझसे छीन पायेगा।

but you do not believe because you are not among my sheep. john 10:26

किन्तु तुम लोग विश्वास नहीं करते। क्योंकि तुम मेरी भेड़ों में से नहीं हो।

Proverbs 16:4

The LORD has made everything for His purpose–even …

यहोवा ने अपने उद्देश्य से हर किसी वस्तु को रचा है यहाँ तक कि दुष्ट को भी नाश के दिन के लिये।

Rom 11:4

4 But what is the divine response to him? “I have kept for Myself seven thousand men who have not bowed the knee to Baal.”

किन्तु तब परमेश्वर ने उसे कैसे उत्तर दिया था, “मैंने अपने लिए सात हजार लोग बचा रखे हैं जिन्होंने बाल के आगे माथा नहीं टेका।”

1 Corinthians 1:27, 29, 31

“God chose what is foolish in the world to shame the wise . . . so that no human being might boast in the presence of God. . . . ‘Let the one who boasts, boast in the Lord’”

परन्तु परमेश्वर ने जगत के मूर्खों को चुन लिया है, कि ज्ञान वालों को लज्ज़ित करे; और परमेश्वर ने जगत के निर्बलों को चुन लिया है, कि बलवानों को लज्ज़ित करे।

ताकि कोई प्राणी परमेश्वर के साम्हने घमण्ड करने पाए।

ताकि जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जो घमण्ड करे वह प्रभु में घमण्ड करे॥

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