हिंदी बाइबिल अध्ययन

उद्धार (Salvation)

विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराना (Justification by Faith) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 18 (Weekly Doctrinal Devotional-18)

इसलिये हम क्या कहें हमारे शारीरिक पिता अब्राहम को क्या प्राप्‍त हुआ? क्योंकि यदि अब्राहम कामों से धर्मी ठहराया जाता, तो उसे घमण्ड करने की जगह होती, परन्तु परमेश्‍वर के निकट नहीं। पवित्रशास्त्र क्या कहता है? यह कि “अब्राहम ने परमेश्‍वर पर विश्‍वास किया, और यह उसके लिये धार्मिकता गिना गया ।” काम करनेवाले की …

विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराना (Justification by Faith) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 18 (Weekly Doctrinal Devotional-18) Read More »

यूहन्ना 3:16 का दुष्प्रयोग (Abuse of John 3:16) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 16 (Weekly Doctrinal Devotional-16)

क्योंकि परमेश्‍वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्‍वास करे वह नष्‍ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। (यूहन्ना 3:16) यूहन्ना 3:16 मसीही जगत में सबसे ज्यादा दुरुपयोग और दुष्प्रयोग में लायी जाने वाली आयत है। झूठे या भ्रमित शिक्षक इस आयत को …

यूहन्ना 3:16 का दुष्प्रयोग (Abuse of John 3:16) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 16 (Weekly Doctrinal Devotional-16) Read More »

जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश-15

हम आज के भक्ति सन्देश में निम्न प्रश्नों का जवाब पाएंगे। जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है? क्या उद्धार के लिए जल के बपतिस्मे कि आवश्यकता होती है? क्या हम जल का बपतिस्मा लेकर नया जन्म पाते हैं ?   यीशु ने उत्तर दिया, “मैं तुझ से सच सच कहता हूँ, जब तक …

जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश-15 Read More »

असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)

बाइबल हम को आदेश देती है कि हम अपने आप को परखें कि कहीं हम नकली विश्वासी तो नहीं : अपने आप को परखो कि विश्‍वास में हो कि नहीं। (2 कुरिन्थियों  13:5) असली विश्वासी के कई चिन्ह होते हैं। आज के भक्ति सन्देश में हम उनमे से चार पर दृष्टि करेंगे : 1) यीशु …

असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14) Read More »

क्या यीशु मसीह अपने दूसरे आगमन से पहले सब के उद्धार पाने का इंतज़ार कर रहा है ?

क्या यीशु मसीह अपने दूसरे आगमन से पहले सब के उद्धार पाने का इंतज़ार कर रहा है ?

प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कुछ लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता कि कोई नष्‍ट हो, वरन् यह कि सब पश्चाताप करें। (2 पतरस 3:9) कुछ लोग अपनी अज्ञानता और कुछ अपनी हठधर्मिता में यह कहते हैं की यीशु मसीह अभी तक …

क्या यीशु मसीह अपने दूसरे आगमन से पहले सब के उद्धार पाने का इंतज़ार कर रहा है ? Read More »

new life and baptism

नया जीवन और बपतिस्मा

(रोमियो 6:3-4) दो प्रकार के बपतिस्मा के बारे में हम सुनते है: 1- छिड़काव का बपतिस्मा कुछ ईसाई पंथों (denominations) में नवजात शिशु या नए विश्वासी को छिड़काव का बपतिस्मा देने की प्रथा है परन्तु बाइबल में इस प्रकार का बपतिस्मा देने का कहीं कोई प्रावधान नहीं है अर्थात यह बाइबल के विपरीत है। 2- …

नया जीवन और बपतिस्मा Read More »

GOD's choice

Whose choice saved you: yours or God’s?

Probably the most audacious statement that people make insulting the majesty of the King of Heaven and disregarding His Word is that God didn’t choose or reject us but that we choose Him. Well, every offspring of Adam has the will and ability to reject Christ and they will reject Him because they are dead …

Whose choice saved you: yours or God’s? Read More »

विश्वास क्या है?

1. वो जो मेरे में से निकलता है विश्वास नहीं है। वो जो वचन को सुनने के द्वारा परमेश्वर की और से मुझे दान स्वरूप मिलता है, वो विश्वास है।  2. विश्वास मेरी ओर से परमेश्वर को उपहार नहीं है। विश्वास परमेश्वर की ओर से मुझे दान है।  3. मैं जो चाहता हूँ ( बीमारी …

विश्वास क्या है? Read More »

प्रश्न : “तौभी बच्चे जनने के द्वारा उद्धार पाएंगी, यदि वे संयम सहित विश्वास, प्रेम, और पवित्रता में स्थिर रहें॥” ( 1 तीमुथियुस 2:15) इस आयत का मतलब क्या है? क्या स्त्रियां वास्तव मे बच्चा जनने के द्वारा उद्धार पाएंगी?

उत्तर: नहीं. असंभव. हम जानते हैं की उद्धार बच्चे जन्माने (इफिसियों 2:6-9) के दवारा नहीं होता  बल्कि पवित्र आत्मा से जन्मने के दवारा होता है (यूहन्ना 3:5). 1 तीमुथियुस 2:15 एक कठिन आयत है. ऐसी कठिन आयतों की व्याख्या करने के लिए हमे तीन  बातें ध्यान रखनी चाहिए. पहली की सम्पूर्ण बाइबिल इस बारे में …

प्रश्न : “तौभी बच्चे जनने के द्वारा उद्धार पाएंगी, यदि वे संयम सहित विश्वास, प्रेम, और पवित्रता में स्थिर रहें॥” ( 1 तीमुथियुस 2:15) इस आयत का मतलब क्या है? क्या स्त्रियां वास्तव मे बच्चा जनने के द्वारा उद्धार पाएंगी? Read More »