असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)


बाइबल हम को आदेश देती है कि हम अपने आप को परखें कि कहीं हम नकली विश्वासी तो नहीं :

अपने आप को परखो कि विश्‍वास में हो कि नहीं। (2 कुरिन्थियों  13:5)

असली विश्वासी के कई चिन्ह होते हैं। आज के भक्ति सन्देश में हम उनमे से चार पर दृष्टि करेंगे :

1) यीशु मसीह के परमेश्वरत्व पर विश्वास :

यीशु मसीह का नाम तो बहुत से यहोवा साक्षी जैसे झूठे पंथ भी लेते हैं, लेकिन वो उसको परमेश्वर नहीं मानते। बाइबल के अनुसार उद्धार के लिए यह जरुरी है कि हम यीशु मसीह के परमेश्वर होने पर विश्वास करें।

जो कोई यह मान लेता है कि यीशु परमेश्‍वर का पुत्र है, परमेश्‍वर उसमें बना रहता है, और वह परमेश्‍वर में। (1 यहुन्ना 4:15)

2) परमेश्वर के प्रति आज्ञापालन :

जिसका उद्धार होता है वो परमेश्वर से प्रेम करता है और उसकी आज्ञाओं को मानता है। यदि कोई चर्च जाए पर प्रभु की आज्ञाओं में कोई रूचि नहीं रखे तो वह एक नकली विश्वासी है।

जो उसकी आज्ञाओं को मानता है, वह उसमें और वह उन में बना रहता है (1 यहुन्ना 3:24)

3) दूसरों से प्रेम :

जो परमेश्वर से प्रेम करता है वो अपने पड़ोसी से भी अपने समान प्रेम करता है। जो प्रेम नहीं करता वो परमेश्वर को नहीं जानता।

हे प्रियो, हम आपस में प्रेम रखें; क्योंकि प्रेम परमेश्‍वर से है। जो कोई प्रेम करता है, वह परमेश्‍वर से जन्मा है और परमेश्‍वर को जानता है। जो प्रेम नहीं रखता वह परमेश्‍वर को नहीं जानता, क्योंकि परमेश्‍वर प्रेम है। (1 यहुन्ना 4:7-8)

4) पश्चाताप:

जो भी परमेश्वर से प्रेम करता हैं वो परमेश्वर की आज्ञाओं से प्रेम रखता है। वह उनको मानने के लिए तत्पर रहता है और इस पाप की देह में होने के करण जिन पापों में गिरता है, उनके लिए पश्चाताप करता है।

यदि हम कहें कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं, और हम में सत्य नहीं। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्‍वासयोग्य और धर्मी है। (1 यहुन्ना 1:8-9)

प्रोत्साहन: 

प्रिय भाइयों और बहनों, हमारा उद्धार अनुगृह से हुआ है, परन्तु जो अनुगृह हमारा उद्धार करता है, वही हमारा पवित्रीकरण भी करता है। तो आइये, वचन के द्वारा उस अनुगृह में और बढ़ते जाएँ और पवित्र आत्मा के फल हम पर बढ़ते जाएँ, ताकि परमेश्वर की महिमा हो और हम और भी दृढ़ हो सकें कि हमारा उद्धार हो गया है।

उदाहरण प्रार्थना:
है पिता तेरा धन्यवाद तेरे प्यारे बेटे यीशु मसीह के क्रूस के लिए। मैं आज्ञापालन में बढ़ने वाला हो सकूँ। मुझ पर दया कर। तेरे बेटे के नाम से। आमीन।

शिक्षाएं (Doctrines Involved in this Devotional):

उद्धार की शिक्षा (Doctrine of Salvation)

अधिक अध्ययन करने के लिए:

 

2 thoughts on “असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)”

  1. Seema sangeliya says:

    ?

  2. Swarnima says:

    ?

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