Reformed baptist church in jaipur

Author name: logosinhindi

बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 18 – अनुग्रह और उद्धार का आश्वासन

पैराग्राफ़ -1 (i)  अस्थायी विश्वासी और अन्य नया जन्म न पाए  हुए लोग झूठी आशाओं और शारीरिक धारणाओं के साथ खुद को व्यर्थ में धोखा दे सकते हैं कि उनके पास परमेश्वर का अनुग्रह और उद्धार है, लेकिन उनकी आशा नष्ट हो जाएगी। (ii) फिर भी जो लोग वास्तव में प्रभु यीशु में विश्वास करते …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 17 – संतों का अध्यवसाय

पैराग्राफ़ -1 (i)  जिन्हें परमेश्वर ने अपने प्रिय पुत्र में स्वीकार किया है, उसके आत्मा के द्वारा प्रभावशाली रूप से बुलाया और पवित्र किया है, और अपने चुने हुओं का बहुमूल्य विश्वास दिया है, वे अनुग्रह की स्थिति से न तो पूरी तरह से और न ही हमेशा के लिए  गिर सकते हैं। वे निश्चित …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 16 – अच्छे कार्य

पैराग्राफ़ -1 (i)  केवल वे ही अच्छे कार्य हैं, जिनकी आज्ञा परमेश्वर ने अपने पवित्र वचन में दी है। (ii) जिन कार्यों का आधार यह नहीं है, वे लोगों द्वारा अंध-उत्साह में या अच्छे इरादों के दिखावे में किए जाते हैं और वास्तव में अच्छे नहीं हैं। (i) मीका 6:8; इब्रानियों 13:21  (ii) मत्ती 15:9; …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 15 – जीवन और उद्धार के लिए पश्चाताप

पैराग्राफ़ -1 (i)  कुछ चुने हुए लोग अपने प्रारंभिक वर्षों में कुछ समय तक अपनी स्वाभाविक अवस्था में विभिन्न बुरी इच्छाओं और पापमय आनंदों में जीने के बाद परिवर्तित हो जाते हैं। परमेश्वर प्रभावशाली बुलाहट के एक भाग के रूप में उनको जीवन की ओर ले जाने वाले पश्चाताप का दान देता है। (i) तीतुस …

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यीशु के पास क्यों आएं? (मसीहियत में आने के गलत और सही कारण)

मसीहियत में आने के गलत कारण   चंगाई के लिए समृद्धि और आशीषों के लिए अच्छा जीवन जीने के लिए सम्मान और स्टेटस पाने के लिए जो आपको अपने समाज में नहीं मिला विवाह के लिए आपके बच्चों के लिए शैक्षिक अवसरों के लिए अच्छा महसूस करने के लिए अपने विवेक को शांत करने के …

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नीकिया का विश्वास वचन (Nicene Creed)

 हम एक परमेश्वर, सर्वशक्तिमान पिता पर विश्वास करते हैं, जो स्वर्ग और पृथ्वी का और समस्त दृश्य एवं अदृश्य वस्तुओं का सृष्टिकर्ता है।   और हम एक प्रभु, यीशु मसीह पर विश्वास करते हैं। वह परमेश्वर का एकलौता पुत्र, सब युगों से पहले (अनंत से) पिता से जन्मा; परमेश्वर से परमेश्वर, ज्योति से ज्योति, सत्य …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 14 – उद्धारक विश्वास

पैराग्राफ़ -1 (i) विश्वास का अनुग्रह, जिसके द्वारा चुने हुओं को विश्वास करने में सक्षम बनाया जाता है, ताकि उनके आत्माओं का उद्धार हो, उनके हृदयों में मसीह के आत्मा का कार्य है। (ii) विश्वास साधारणतया वचन की सेवकाई से उत्पन्न होता है। (iii) इसी सेवकाई के द्वारा और बपतिस्में और प्रभु भोज की सेवा …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 13 – पवित्रीकरण

पैराग्राफ़ -1 (i, ii)  जो लोग मसीह के साथ एक कर दिए गए हैं और प्रभावशाली रूप से बुलाए गए और नया जीवन दिए गए हुए हैं– उनके पास एक नया हृदय और एक नया आत्मा है, जो मसीह की मृत्यु और पुनरुत्थान की सामर्थ के माध्यम से सृजे गए हैं। वे उसके वचन और …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 12 – लेपालकपन

(i) परमेश्वर ने अनुग्रहपूर्वक यह निश्चित किया है कि वे सब जो धर्मी ठहरेंगे, उसके एकलौते पुत्र यीशु मसीह में और उसके कारण लेपालक होने का अनुग्रह पाएंगे। (ii) इसके द्वारा वे परमेश्वर की सन्तानों में गिने जाते हैं और उस सम्बन्ध की स्वतंत्रता और विशेषाधिकारों के भागी हो जाते हैं। (iii) वे उसके नाम …

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बैपटिस्ट विश्वास अंगीकार अध्याय 11 – धर्मिकरण

पैराग्राफ़ -1 (i) जिन्हें परमेश्वर प्रभावशाली रूप से बुलाता है, वह उन्हें सेंतमेंत/मुफ्त में धर्मी भी ठहराता है। (ii) वह ऐसा उन में धार्मिकता डालने के द्वारा नहीं करता, परन्तु उनके पापों को क्षमा करने और उन्हें धर्मी मानने और धर्मी के रूप में स्वीकार करने के द्वारा करता है। (iii) वह यह केवल मसीह …

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