आत्मिक चंगाई – एक प्रमाण 

जितनी भी शारीरिक चंगाईयां थी वो सब वास्तविक  थी (मति 11ः5) । यीशु नें कोड़ी को शुद्ध करके कहा जाओ और अपने आप को याजक को दिखाओ (मति 8ः3-4) । जो अन्धा था वो अंधा नहीं रहा  ( लूका 18ः43)। जो गूंगा था वो गूंगा नहीं रहा  (मति 12ः22)। जो अपंग था वो अपंग ना… Continue reading आत्मिक चंगाई – एक प्रमाण 

उद्धरण- 2

सताव हमेशा से ही एक पवित्र जीवन जीने वाले का भाग रहा है। – रे कम्फर्ट   धन्य है परमेश्वर ! हमारी विपदाएं तो बस कुछ समय की ही है पर हमारी सुरक्षा अनंत काल की है। – चार्ल्स स्पर्जन   वास्तविक मसीही एक ऐसा व्यक्ति होता है जो हर किसी से प्रशंसा नहीं पाता।… Continue reading उद्धरण- 2

उद्धरण – 1

कोई भी व्यक्ति कभी भी अपना दिल परमेश्वर को देने के द्वारा उद्धार नहीं पाया. हम अपने कुछ देने के द्वारा नहीं बचाये जाते है परन्तु परमेश्वर के देने के द्वारा बचाये जाते है। – ऐ. डबल्यू. पिंक एक मसीही विश्वासी सिर्फ इसी से ही नहीं जाना जाता कि वो क्या विश्वास करता है और… Continue reading उद्धरण – 1