आत्मिक चंगाई – एक प्रमाण 

जितनी भी शारीरिक चंगाईयां थी वो सब वास्तविक  थी (मति 11ः5) । यीशु नें कोड़ी को शुद्ध करके कहा जाओ और अपने आप को याजक को दिखाओ (मति 8ः3-4) । जो अन्धा था वो अंधा नहीं रहा  ( लूका 18ः43)। जो गूंगा था वो गूंगा नहीं रहा  (मति 12ः22)। जो अपंग था वो अपंग ना… Continue reading आत्मिक चंगाई – एक प्रमाण