विजयी आत्मिक जीवन (साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 20) (Weekly Doctrinal Devotional-20)

मसीही जवान सालों-साल एक ही प्रश्न अलग अलग शब्दों में पूछते रहते हैं: मैं आत्मिक रूप से कैसे बढूं? मैं पाप पर विजय कैसे प्राप्त करूँ? मैं प्रभु को प्रसन्न करने वाला जीवन कैसे जीऊं? मैं काम-वासना/पोर्नोग्राफी/हस्थमैथुन पर विजय कैसे पाऊं? मैं आत्मनियंत्रण कैसे करूँ ? मैं पवित्र कैसे बनु?   वो इन प्रश्नों के… Continue reading विजयी आत्मिक जीवन (साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 20) (Weekly Doctrinal Devotional-20)

प्रभु यीशु मसीह हमारा सब कुछ और अनंत और भी साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 19 (Weekly Doctrinal Devotional-19)

आज के भक्ति सन्देश में मैं आपका ध्यान इस ओर खींचना चाहता हूँ कि महिमावान प्रभु यीशु मसीह हमारे लिए क्या-क्या है। 1) प्रभु यीशु मसीह हमारा परमेश्वर है। और उस धन्य आशा की अर्थात् अपने महान् परमेश्‍वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की महिमा के प्रगट होने की बाट जोहते रहें। (तीतुस 2:13) परन्तु पुत्र… Continue reading प्रभु यीशु मसीह हमारा सब कुछ और अनंत और भी साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 19 (Weekly Doctrinal Devotional-19)

विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराना (Justification by Faith) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 18 (Weekly Doctrinal Devotional-18)

इसलिये हम क्या कहें हमारे शारीरिक पिता अब्राहम को क्या प्राप्‍त हुआ? क्योंकि यदि अब्राहम कामों से धर्मी ठहराया जाता, तो उसे घमण्ड करने की जगह होती, परन्तु परमेश्‍वर के निकट नहीं। पवित्रशास्त्र क्या कहता है? यह कि “अब्राहम ने परमेश्‍वर पर विश्‍वास किया, और यह उसके लिये धार्मिकता गिना गया ।” काम करनेवाले की… Continue reading विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराना (Justification by Faith) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 18 (Weekly Doctrinal Devotional-18)

या तो सुबह जल्दी, या कभी नहीं (साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 17) (Weekly Doctrinal Devotional-17)

हम विश्वासी सुबह जल्दी उठकर प्रार्थना, बाइबल पठन और मनन के द्वारा परमेश्वर को नहीं खोजने के कई बहाने बना सकते हैं; जैसे मैं नाईट पर्सन हूँ। मैं रात में सबसे ज्यादा प्रोडक्टिव होता हूँ। सुबह इतने काम होते हैं, संभव ही नहीं होता। हमे विधिवादी (legalist) नहीं होना चाहिए। मैं मॉर्निंग पर्सन नहीं हूँ।… Continue reading या तो सुबह जल्दी, या कभी नहीं (साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 17) (Weekly Doctrinal Devotional-17)

यूहन्ना 3:16 का दुष्प्रयोग (Abuse of John 3:16) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 16 (Weekly Doctrinal Devotional-16)

क्योंकि परमेश्‍वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्‍वास करे वह नष्‍ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। (यूहन्ना 3:16) यूहन्ना 3:16 मसीही जगत में सबसे ज्यादा दुरुपयोग और दुष्प्रयोग में लायी जाने वाली आयत है। झूठे या भ्रमित शिक्षक इस आयत को… Continue reading यूहन्ना 3:16 का दुष्प्रयोग (Abuse of John 3:16) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 16 (Weekly Doctrinal Devotional-16)

जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश-15

हम आज के भक्ति सन्देश में निम्न प्रश्नों का जवाब पाएंगे। जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है? क्या उद्धार के लिए जल के बपतिस्मे कि आवश्यकता होती है? क्या हम जल का बपतिस्मा लेकर नया जन्म पाते हैं ?   यीशु ने उत्तर दिया, “मैं तुझ से सच सच कहता हूँ, जब तक… Continue reading जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश-15

असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)

बाइबल हम को आदेश देती है कि हम अपने आप को परखें कि कहीं हम नकली विश्वासी तो नहीं : अपने आप को परखो कि विश्‍वास में हो कि नहीं। (2 कुरिन्थियों  13:5) असली विश्वासी के कई चिन्ह होते हैं। आज के भक्ति सन्देश में हम उनमे से चार पर दृष्टि करेंगे : 1) यीशु… Continue reading असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)

क्या गुड फ्राइडे मनाना बाइबल के ख़िलाफ़ है? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -13)

easter scene with crown of thorns, hammer and nails with blood on sand

(गुड फ्राइडे को हम प्रभु यीशु मसीह की मृत्यु को याद करते हैं।) हाँ यह सही है कि ना तो बाइबल हमे गुड फ्राइडे मनाने को कहती है; ना ही हम बाइबल में किसी को गुड फ्राइडे मनाते देखते हैं। तो सवाल यह है की क्या हमें गुड फ्राइडे मनाना चाहिए ? चूँकि बाइबल हमे… Continue reading क्या गुड फ्राइडे मनाना बाइबल के ख़िलाफ़ है? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -13)

मसीहियत दिल का धर्म है। साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -12)

मसीहियत बाहरी धार्मिक गतिविधियों का धर्म नहीं है, बल्कि दिल का धर्म है। अर्थात एक सच्चा मसीही परमेश्वर से अपने दिल से, अपनी भावनाओं से, अपने अंतर्मन से, अपने आत्मा से प्रेम करता है और उसमे आनंदित होता है, उसमे मगन रहता है, उसमे घमंड करता है, उसके बारे में डींग भरता है, उसकी प्रशंसा… Continue reading मसीहियत दिल का धर्म है। साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -12)

पवित्र आत्मा से कैसे भरें? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -11)

इससे पहले कि हम पवित्र आत्मा से भरने के बारे में जाने हमें यह जानना जरुरी है : पवित्र आत्मा पाना और पवित्र आत्मा का बपतिस्मा पाना अलग चीज़ है जो कि हमेशा के लिए एक ही बार उद्धार के समय होता है* और पवित्र आत्मा से भरना हर दिन-हर पल कि वास्तविकता है। इफिसियों… Continue reading पवित्र आत्मा से कैसे भरें? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -11)