विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराना (Justification by Faith) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 18 (Weekly Doctrinal Devotional-18)

इसलिये हम क्या कहें हमारे शारीरिक पिता अब्राहम को क्या प्राप्‍त हुआ? क्योंकि यदि अब्राहम कामों से धर्मी ठहराया जाता, तो उसे घमण्ड करने की जगह होती, परन्तु परमेश्‍वर के निकट नहीं। पवित्रशास्त्र क्या कहता है? यह कि “अब्राहम ने परमेश्‍वर पर विश्‍वास किया, और यह उसके लिये धार्मिकता गिना गया ।” काम करनेवाले की… Continue reading विश्वास के द्वारा धर्मी ठहराना (Justification by Faith) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 18 (Weekly Doctrinal Devotional-18)

जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश-15

हम आज के भक्ति सन्देश में निम्न प्रश्नों का जवाब पाएंगे। जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है? क्या उद्धार के लिए जल के बपतिस्मे कि आवश्यकता होती है? क्या हम जल का बपतिस्मा लेकर नया जन्म पाते हैं ?   यीशु ने उत्तर दिया, “मैं तुझ से सच सच कहता हूँ, जब तक… Continue reading जल और आत्मा से जन्मना क्या होता है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश-15

असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)

बाइबल हम को आदेश देती है कि हम अपने आप को परखें कि कहीं हम नकली विश्वासी तो नहीं : अपने आप को परखो कि विश्‍वास में हो कि नहीं। (2 कुरिन्थियों  13:5) असली विश्वासी के कई चिन्ह होते हैं। आज के भक्ति सन्देश में हम उनमे से चार पर दृष्टि करेंगे : 1) यीशु… Continue reading असली विश्वासी के चार चिन्ह  साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -14)

आत्मिक चंगाई – एक प्रमाण 

जितनी भी शारीरिक चंगाईयां थी वो सब वास्तविक  थी (मति 11ः5) । यीशु नें कोड़ी को शुद्ध करके कहा जाओ और अपने आप को याजक को दिखाओ (मति 8ः3-4) । जो अन्धा था वो अंधा नहीं रहा  ( लूका 18ः43)। जो गूंगा था वो गूंगा नहीं रहा  (मति 12ः22)। जो अपंग था वो अपंग ना… Continue reading आत्मिक चंगाई – एक प्रमाण