अनुग्रह की शिक्षाएं (कैल्विनवाद vs आर्मिनवाद)

यूहन्ना 3:16 का दुष्प्रयोग (Abuse of John 3:16) साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश- 16 (Weekly Doctrinal Devotional-16)

क्योंकि परमेश्‍वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्‍वास करे वह नष्‍ट न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए। (यूहन्ना 3:16) यूहन्ना 3:16 मसीही जगत में सबसे ज्यादा दुरुपयोग और दुष्प्रयोग में लायी जाने वाली आयत है। झूठे या भ्रमित शिक्षक इस आयत को …

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क्या आप अंत तक धीरज धरकर उद्धार पाएंगे ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -7)

परन्तु जो अन्त तक धीरज धरे रहेगा, उसी का उद्धार होगा। (मत्ती  24:13) जो जय पाए मैं उसे अपने साथ अपने सिंहासन पर बैठाऊँगा, जैसे मैं भी जय पाकर अपने पिता के साथ उसके सिंहासन पर बैठ गया। (प्रकाशितवाक्य  3:21) कुछ झूंठे शिक्षक आपको ऊपर दी गई आयतें दिखाकर कहेंगे कि आप अपना उद्धार खो …

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सम्पूर्ण भ्रष्टता या असमर्थता साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -6)

सम्पूर्ण भ्रष्टता या असमर्थता का अर्थ है कि मनुष्य पूरी तरह भ्रष्ट या पापों में मरा हुआ है. वह परमेश्वर को नहीं चुन सकता, ना ही वह परमेश्वर के पास आना चाहता है. उसके महान से महान कार्य परमेश्वर की नज़रों में पाप है, क्योंकि जो विश्वास से नहीं और परमेश्वर की महिमा के लिए …

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क्या हमारे पास स्वतंत्र इच्छा (free will) है ? साप्ताहिक शैक्षणिक भक्ति सन्देश (सप्ताह -5)

मसीही धर्मशास्त्र में यह विषय अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण है। आदम के पास स्वतंत्र इच्छा थी*। उसके पास अदन की वाटिका में अच्छाई और बुराई के बीच में चुनाव करने की योग्यता थी।  मुझे यह कैसे मालूम पड़ा? परमेश्वर ने सम्पूर्ण सृष्टि की रचना करने के बाद कहा, “बहुत अच्छा” (उत्पत्ति  1:31।  इसका अर्थ है कि …

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क्या यीशु मसीह अपने दूसरे आगमन से पहले सब के उद्धार पाने का इंतज़ार कर रहा है ?

क्या यीशु मसीह अपने दूसरे आगमन से पहले सब के उद्धार पाने का इंतज़ार कर रहा है ?

प्रभु अपनी प्रतिज्ञा के विषय में देर नहीं करता, जैसी देर कुछ लोग समझते हैं; पर तुम्हारे विषय में धीरज धरता है, और नहीं चाहता कि कोई नष्‍ट हो, वरन् यह कि सब पश्चाताप करें। (2 पतरस 3:9) कुछ लोग अपनी अज्ञानता और कुछ अपनी हठधर्मिता में यह कहते हैं की यीशु मसीह अभी तक …

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कैल्विनवाद, आर्मिनवाद और परमेश्वर कि तीन इच्छाएं

आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना या उसका मंत्री कौन हुआ? या किस ने पहिले उसे कुछ दिया है जिस का बदला उसे दिया जाए। क्योंकि उस की ओर से, और उसी …

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आर्मिनवादियों की असंगत शिक्षाएं और प्रार्थनाएं

आर्मिनवादियों की असंगत शिक्षाएं और प्रार्थनाएं

धर्मशास्त्र के अध्ययन में दो वाद हैं: कैल्विनवाद और आर्मिनवाद . दोनों की शिक्षाओं के बीच का अंतर नीचे दिया गया है: कैल्विनवाद 1.सम्पूर्ण भ्रष्टता की शिक्षा: मनुष्य पूरी तरह से आत्मिक रूप से/पाप में मरा हुआ है, वह परमेश्वर को न चाहता है और नाही चाह सकता है. इस शिक्षा को और जानने के …

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भाग्यविधाता परमेश्वर और जिम्मेदार मनुष्य

भाग्यविधाता परमेश्वर और जिम्मेदार मनुष्य परमेश्वर कि सम्प्रभुता और मनुष्य कि जिम्मेदारी [सुसंगतता की शिक्षा (Compatibilism)] परमेश्वर संप्रभु परमेश्वर हैं. परमेश्वर की सम्प्रभुता का अर्थ होता है की इस सृष्टि में जो कुछ भी होता है वो सब उसी की योजना के अनुसार होता है. आदम ने जब वर्जित फल को खाया तो परमेश्वर को …

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उद्धार में परमेश्वर की सम्प्रभुता

कौन स्वर्ग जायेगा और कौन नरक यह परमेश्वर ने निर्धारण कर रखा है: और अभी तक न तो बालक जन्मे थे, और न उन्होंने कुछ भला या बुरा किया था कि उस ने कहा, कि जेठा छुटके का दास होगा। इसलिये कि परमेश्वर की मनसा जो उसके चुन लेने के अनुसार है, कर्मों के कारण …

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आपने परमेश्वर को चुना या उसने आपको?

संभवतया मनुष्य की ओर से स्वर्ग के महाराजा और उसके वचन के खिलाफ सबसे ज्यादा उद्धंडता भरा (बत्तमीज़ी भरा) कथन यही होगा की परमेश्वर ने हमे नहीं चुना; बल्कि हमने परमेश्वर को चुना. आदम की हर संतान प्रभु यीशु मसीह को अस्वीकार करने की इच्छा और सामर्थ रखती है और वो यीशु मसीह को अस्वीकार …

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